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पाठ - 7 - आज यीशु स्वर्ग में क्या कर रहे हैं?
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Updated Mon, 31-Jan-2022
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5 3 Rs. 500
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Reviews
  • Mon, 16-Nov-2020
    Gini Divakaran
  • Mon, 16-Nov-2020
  • Thu, 03-Dec-2020
    wonderful Jesus is plan I have Heaven in the house.
  • Fri, 20-Nov-2020
    Priya A
  • Fri, 20-Nov-2020
    Shweta Lakra
    Thanks Our Loving God Jesus.......
  • Sat, 21-Nov-2020
  • Mon, 23-Nov-2020
    Jenifer Jenifer
  • Sat, 28-Nov-2020
  • Sat, 27-Feb-2021
    Amit Moses
    प्रभु परमेश्वर का धन्यवाद करता हूँ। इस अध्ययन के द्वारा प्रभु के और स्वर्ग की सच्चाई को और बेहतर समझ पाये हैं। Thank you JESUS CHRIST Amen
  • Wed, 02-Dec-2020
    RHITAM BASAK
  • Fri, 04-Dec-2020
    Kesiametswe L. Gabaake
  • Fri, 11-Dec-2020
    Good knowledge.
  • Tue, 15-Dec-2020
    Mable Manuel
    Best
  • Sat, 09-Jan-2021
    ANGELA ASIR R V
    हे प्रभु मुजे भी बालक जैसे बना दे और आपको पसंद बालक बनू। आपके लिए सहन करना पड़े तब भी पीछे न घटु। हे येसु मैं भी इच्छा करती हूं कि आप मेरा भी स्वागत स्वर्ग में करो। येसु मशीह के नाम से आमीन।
  • Sat, 17-Apr-2021
    I never knew such things. Thanks to Jesus for providing this ministry to us.
  • Sat, 08-May-2021
    Mable Manuel
    (१)-जो लोग पृथ्वी पर मरकर स्वर्ग में जाते हैं उनकी आत्माओं को यीशु प्राप्त कर रहे हैं। मत्ती 18: 3 के अनुसार "मैं तुमसे सच कहता हूं कि जब तक तुम ना फिरो, और बालक के समान ना बनो तुम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने ना पाओगे। इसलिए हमें नम्र और दिन और पवित्र बनना है। (२)-हमें परमेश्वर की संतान बनने के लिए यहुन्ना 3: 3-5 में कहते हैं। जब तक कोई नए सिरे से न जन्मे वह परमेश्वर का राज्य नहीं देख सकता। साथ ही हमें जलवा आत्मा से जन्म लेना अति आवश्यक है तब तक कोई परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकता।। (३)परमेश्वर संतो के जीवन की आत्माओं व मसीह की खातिर कुचली घायल आत्माओं को यीशु के सिहासन के पास खड़े होकर उनका स्वागत करता है ।प्रेरितो के काम ७: ५६ में जब स्तिफनुस पत्थरवाह किया जा रहा था। तब उसने कहा "मैं मनुष्य के पुत्र को सर्वशक्तिमान परमेश्वर पिता के दाहिनी ओर खड़ा देखता हूं। (४)-इसलिए हमें उसके राज्य की ओर बढ़ना है। उसके राज्य के लोग बनना है की मृत्यु के बाद अनंत जीवन के द्वार से स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सके। यहुन्ना 14 :१ मैं यीशु कहते हैं" तुम्हारा मन व्याकुल न हो तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो तो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में तुम्हारे लिए बहुत से रहने के स्थान हैं"। इसलिए जो धार्मिकता का जीवन व्यतीत करते हैं उनके लिए यीशु रहने की एक जगह तैयार कर रहे हैं जो सदैव प्रकाशित रहेगा कभी अंधकार ना होगा। यीशु आपकी ज्योति रहेंगे। (५)-इराक में बगदाद शहर के लाल चर्च की स्थापना, यीशु के लिए बलिदान होने वालों की आधारशिला है। जहां बाइबल कॉलेज के विद्यार्थी ट्रेनिंग के बाद अपने जीवन का समर्पण करते हैं:- हम भी जबकि यीशु हमारा इंतजार करते हैं इसलिए मन फिराकर लौटाई टाकी रोमियो 14:१७ के अनुसार धर्म मेल मिलाप व आनंद के साथ जीवन व्यतीत करें जो परमेश्वर की ओर से होता है।
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